UK Political Turmoil: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) ने इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि उनके खिलाफ अपनी ही कंजर्वेटिव पार्टी में बगावत हो गई थी। इसके बाद अब वो प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने को राजी हो गए हैं। हालांकि, जॉनसन इस पद पर तब तक बने रहेंगे, जब तक नया प्रधानमंत्री नहीं चुन लिया जाता है।

बता दें कि इससे पहले जॉनसन के फैसले और नैतिकता पर असंतोष जाहिर करते हुए वित्त मंत्री ऋषि सनक और स्वास्थ्य सचिव साजिद जाविद ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से ही पीएम जॉनसन के इस्तीफे (Boris Johnson Resigns) के कयास लगाए जा रहे थे।

अभी पीएम के रूप में करेंगे कार्य
बोरिस जॉनसन ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि वह नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति होने तक पीएम के रूप में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी उपलब्धियों पर बहुत गर्व है। उन्होंने पद छोड़ने का फैसला तब लिया, जब उनके सबसे करीबी सहयोगियों में से एक ट्रेजरी प्रमुख नादिम जाहावी ने देश की भलाई के लिए इस्तीफा देने के लिए कहा।

32 सांसदों ने छोड़ा था साथ
बोरिस जॉनसन से नाखुश सनक समेत कम से कम 32 ब्रिटिश सांसदों ने 24 घंटे से भी कम समय में सरकार का साथ छोड़ दिया था। इस पर उन्होंने कहा था कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि ये लोग अपनी सरकार को संकट में डाल रहे हैं।

प्रधानमंत्री चुनने की एक अलग और खास प्रक्रिया
ब्रिटेन में प्रधानमंत्री चुनने की एक अलग और खास प्रक्रिया होती है। वहां भारत जैसी व्यवस्था नहीं होती। भारत में अगर कोई प्रधानमंत्री बीच में इस्तीफा दे देता है, तो पार्टी जिसे चुनती है, वो प्रधानमंत्री बन जाता है। वहां भी ऐसा ही होता है, लेकिन चुनाव की प्रक्रिया थोड़ी अलग होती है।

यहां जानें ब्रिटेन में चुनाव की प्रक्रिया
1. बोरिस जॉनसन के इस्तीफे के बाद अब पार्टी नया नेता चुनेगी। इसके लिए उम्मीदवार आगे आएंगे। प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी घोषित करने के लिए दो कंजर्वेटिव सांसदों को नामित किया जाएगा। 2. उम्मीदवार एक, दो या उससे भी ज्यादा हो सकते हैं। इसके बाद कंजर्वेटिव सांसद वोटिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे।
3. सांसद एक सीक्रेट बैलेट में अपने पसंद के उम्मीदवार को वोट डालेंगे। जिस उम्मीदवार को सबसे कम वोट मिलेंगे, उसे रेस से बाहर कर दिया जाएगा।
4. कि वोटिंग की ये प्रक्रिया तब तक चलेगी, जब तक दो उम्मीदवार नहीं बचते।
5. आखिर में जब दो उम्मीदवार बचेंगे, तब पोस्टल बैलेट के जरिए कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य वोट डालेंगे। इसमें जिसे सबसे ज्यादा वोट मिलेंगे, उसे नेता चुना जाएगा।

आपको बता दें कि पहले हर मंगलवार और गुरुवार को ही वोटिंग होती थी, लेकिन 21 जुलाई से संसद में गर्मी की छुट्टी शुरू हो रही है, इसलिए उससे पहले ये प्रक्रिया जल्दी पूरी कराई जा सकती है। हाउस ऑफ कॉमन्स का नेता ही प्रधानमंत्री होता है। नया प्रधानमंत्री चाहे तो मध्यावधि चुनाव भी करा सकता है, लेकिन ये उसके विवेक पर निर्भर करता है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *