इंटीमेसी (intimacy) – जब भी यह शब्द सुनने को मिलता है तो दिमाग में शारीरिक इंटीमेसी का ही ख़्याल आता है। अक्सर लोग रिश्ते में आई दूरियों को सिर्फ फिज़िकल इंटीमेसी से ही जोड़ते हैं जबकि सच यह है कि इंटीमेसी 5 प्रकार (Types of Intimacy) की होती है जिसका हर एक प्रकार महत्वपूर्ण होता है। रिश्ते में मजबूती बनाए रखना हो या प्यार को बढ़ाना हो सबसे ज़रूरी है इंटीमेसी का सही मतलब समझना। आइए जानते हैं कि किस इंटीमेसी से आप अपने रिश्ते (Intimacy in Relationship) को और अधिक मजबूत बना सकते हैं। ये भी पढ़ें: Long Distance Relationship में ऐसे बढ़ाएं नजदीकियां, नहीं आएंगी कभी दूरियां

कितने प्रकार की है इंटीमेसी –
1. इमोशनल इंटीमेसी (Emotional intimacy)
2. इंटलेक्चुअल इंटीमेसी (Intellectual intimacy)
3. फिजिकल इंटीमेसी (Physical intimacy )
4. एक्सपेरिमेंटल इंटीमेसी (Experiential intimacy)
5. स्पिरिचुअल इंटीमेसी (Spiritual intimacy)

1. इमोशनल इंटीमेसी (Emotional intimacy)
इमोशनल इंटीमेसी में पार्टनर्स अपने वो विचार और भावनाएं शेयर करते हैं जिन्हें किसी से भी साझा करना मुश्किल होता है, जैसे डर, सपने, निराशा और अन्य कई फीलिंग्स। इमोशनल इंटीमेसी एक तरह की बेहिचक अभिव्यक्ति है जिसे आप अपने पार्टनर के साथ साझा करके सुरक्षित और सहज महसूस करते हैं। इस तरह आपका अपने पार्टनर पर विश्वास बढ़ता है।

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2. इंटलेक्चुअल इंटीमेसी (Intellectual Intimacy)
यह इंटीमेसी का वह प्रकार है जिसमें आप जान पाते हैं कि आपके पार्टनर के दिमाग में कब क्या चल रहा है या किस समय आपके पार्टनर को क्या पसंद है और क्या नहीं। हर मुद्दे पर बातचीत करते रहने से आपके रिश्ते में बोंड, अंडरस्टेंडिंग और सामंजस्य बनता है। इस इंटीमेसी के लिए के लिए सबसे अह्म है बातचीत करते रहना, अपने साथी से कम्यूनिकेशन करने से दोनों के बीच एक कनेक्शन बनाता है जिसकी वजह से आप एक दूसरे के करीब महसूस करते हैं। ये भी पढ़ें: शादी से पहले जान लें अपने पार्टनर की ये खास बातें, नहीं पड़ेगी रिश्ते में दरार

3. फिजिकल इंटीमेसी (Physical Intimacy)
फिज़िकल इंटीमेसी का सीधा मतलब आपके साथी का टच और उसकी नजदीकियों से है। यह इंटीमेसी आपको आपके साथी से रोमांटिक रिश्ता बनाने में मदद करती है, इसमें पार्टनर का हाथ पकड़ना, किसिंग, कडलिंग और सेक्सुअस संबंध शामिल हो सकते हैं। ये भी पढ़ें: शादीशुदा लाइफ में नहीं चाहते कोई परेशानी, तो इन बातों को पार्टनर के साथ न करें शेयर

4. एक्सपेरिमेंटल इंटीमेसी (Experiential Intimacy)
किसी भी रिलेशन में दोनों का अपना-अपना अलग व्यक्तित्व होता है, जिसका सम्मान करना और उसे बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है। रिश्ते को मजबूत रखने के लिए अपने साथी के साथ क्वॉलिटी टाइम बिताना, एक-दूसरे की सामान्य रुचियों को शेयर करना, आत्म विश्वास बरकरार रखना, हंसी-मजाक करना, अपने अनुभव साझा करना, एक दूसरे अनुभवों से टीम वर्क करके संयुक्त काम करना और नए चीजें सीखना आदि से एक दूसरे के बीच एक्सपेरिमेंटल इंटीमेसी पैदा होती है।

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5. स्पिरिचुअल इंटीमेसी (Spiritual intimacy)
स्पिरिचुअल यानि आध्यात्मिकता का मतलब अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग होता है, इसलिए स्पिरिचुअल इंटीमेसी भी अलग-अलग हो सकती है। आमतौर पर, भौतिकता से परे किसी चीज या इंसान में विश्वास करना भी आध्यात्मिकता है, इसके लिए धार्मिक अभ्यास की आवश्यक नहीं है। स्पिरिचुअल इंटीमेसी के कई अन्य उदाहरण हैं – एक साथ सूर्य उदय (या अस्त) को देखना, हाथ पकड़कर पार्क में टहलना और प्रकृति की सुंदरता का आनंद लेना, गहन मुद्दों पर विचार विर्मश करना आदि।  ये भी पढ़ें: Relationship: क्या आपका लाइफ पार्टनर आपका बेस्ट फ्रेंड है? जानें

सभी प्रकार की इंटीमेसी हर रिश्ते के लिए ज़रूरी होती है और इसे बनाए रखने से आपके बीच भरोसा, स्वीकार करने का भाव, ईमानदारी, सुरक्षित होने का एहसास, संवेदना, प्यार, कम्युनिकेशन सभी गहरे होते हैं और खुशी का एहसास होता है।

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