The Children’s Act 2020 : माता-पिता अपने बच्चों से बहुत प्यार करते हैं। बच्चों के लिए वो सभी सुख सुविधाएं मुहैया कराते हैं जिनकी उनको जरुरत होती हैं। वहीं कई बार जब बच्चों की शैतानी बढ़ती है तो माता-पिता उन्हें सुधारने के लिए उनकी पिटाई करने से भी नहीं चूकते हैं। पर अब बच्चों को चांटा मारना या उनकी पिटाई करना माँ-बाप को भारी पड़ सकता हैं। अब ऐसा करने वाले माता-पिता को कानून के तहत सजा हो सकती हैं। वयस्कों की तरह ही बच्चों को भी अपनी सुरक्षा के लिए बराबर के अधिकार हैं। स्थानीय चिल्ड्रन एक्ट के मुताबिक बच्चों को किसी भी तरह की शारीरिक सजा देना जुर्म के श्रेणी में आता हैं।

अब वेल्स में लागू हुआ ये कानून
एक खबर के मुताबिक ये कानून अब वेल्स में भी लागू हो गया है। वेल्स में आज से बच्चों को चांटा या थप्पड़ मारना, धक्का देना, उसे हिलाना जैसे किसी भी प्रकार का शारीरिक दंड चिल्ड्रन ऐक्ट 2020 (Abolition Of Defence Of Reasonable Punishment – Wales ) के तहत गलत माना जाएगा। वेल्स उन 60 देशों की लिस्ट में शामिल हो गया जहां बच्चों को शारीरिक सजा देना कानूनी जुर्म है।

प्रथम मंत्री मार्क ड्रेकफोर्ड ने इस कानून पर कहा, ‘इस पर स्पष्ट रूख अपनाने की आवश्यकता हैं। अतीत में जो हुआ उससे आगे बढ़ना चाहिए। इसलिए अब वेल्स में शरीरिक सजा के लिए कोई स्थान नहीं हैं।’ उन्होंने कहा कि “बाल अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन यह स्पष्ट करता है कि बच्चों को नुकसान से और चोट लगने से बचाने का अधिकार हैं और इसमें शारीरिक दंड शामिल हैं।”

बता दें कि इंग्लैंड में माता-पिता अपने बच्चे को थप्पड़ मार सकते हैं परंतु उससे चोट या सूजन नहीं आनी चाहिए अन्यथा ये जुर्म की श्रेणी में आएगा। वहीं, इससे पहले स्कॉटलैंड ने नवंबर 2020 में बच्चों की शारीरिक सजा को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया था।

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