राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) के हत्यारे एजी पेरारिवलन (AG Perarivalan) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आज रिहा कर दिया। इस पर कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया आने लगी है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

रणदीप सुरजेवाला ने केंद्र सरकार पर बोला हमला
इतना ही नहीं उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस सरकार में राजीव गांधी के हत्यारे को छोड़ दिया गया है, मोदी बताएं कि क्या यही राष्ट्रवाद है।

रणदीप सुरजेवाला ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले से दुखी हैं। ये फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि कोर्ट ने राजीव गांधी के एक हत्यारे को रिहा कर दिया। सुरजेवाला ने कहा कि तमिलनाडु के तत्कालीन गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित और राष्ट्रपति के फैसला नहीं लेने की वजह से कोर्ट ने ये फैसला दिया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि आज देश के लिए दुखद दिन है। राजीव गांधी कांग्रेस के नेता नहीं देश के प्रधनमंत्री थे।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया पेरारिवलन की रिहाई का आदेश
राजीव गांधी हत्याकांड के दोषी एजी पेरारिवलन को आज सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने एजी पेरारिवलन की रिहाई का आदेश दिया है। अदालत ने जेल में अच्छे बर्ताव के कारण उसे रिहा करने का आदेश दिया है। जस्टिस एल नागेश्वर की बेंच ने आर्टिकल 142 का इस्तेमाल करते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया है।

30 साल से जेल में बंद था पेरारिवलन
पेरारिवलन 30 साल से ज्यादा लंबे वक्त से जेल में बंद था। आर्टिकल 142 सुप्रीम कोर्ट को अपने समक्ष किसी भी लंबित मामले या किसी भी मामले में इंसाफ के लिए जरूरी आदेश पारित करने का अधिकार देता है। इससे पहले 9 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने एजी पेरारिवलन को जमानत दे दी थी। अब उसे रिहा कर दिया गया है।

21 मई को हुई थी राजीव गांधी की हत्या
21 मई 1991 को  (Rajiv Gandhi Death Date) एक चुनावी रैली के दौरान तमिलनाडु में एक आत्मघाती हमले में राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पेरारिवलन समेत 7 लोगों को दोषी पाया गया था। टाडा अदालत और सुप्रीम कोर्ट ने पेरारिवलन को मौत की सजा सुनाई थी। बाद में दया याचिका की सुनवाई में देरी की वजह से पेरारिवलन की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया था। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने उसकी उम्रकैद को भी खत्म कर रिहा करने के लिए एक रेजोल्यूशन पास किया था।

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