बिहार राजनीति की जानी-मानी शख्सियत और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव (Sharad Yadav) ने आज (रविवार) एक कार्यक्रम के दौरान अपनी राजनीतिक विरासत को तेजस्वी यादव को सौंप दी है।  उन्होंने अपनी पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल (LJD) का रविवार को आरजेडी में विलय कर दिया। इस मौके पर शरद यादव और तेजस्वी यादव के अलावा पार्टी के तमाम बड़े नेता मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बिहार का भविष्य हैं। ये भी पढ़ें: Petrol-Diesel Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, जानें आपके शहर में पेट्रोल-डीजल की कीमत

बीजेपी को हरान के लिए पूरे देश के विपक्ष को साथ आना होगा
इस मौके पर शरद यादव ने कहा कि ये एक नई शुरुआत है। ‘ये विलय व्यापक एकता के लिए पहला कदम है। इसमें हमने अपनी पहल कर दी है, पूरे देश के विपक्ष को एक होकर ही बीजेपी को हराया जा सकता है।’ पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने कहा कि उनकी पार्टी का आरजेडी में विलय होना इस बात को बताता है कि ये वक्त की मांग है। अभी हमारा ध्यान विपक्ष को एकजुट करना है। उसके बाद इसके ऊपर विचार किया जाएगा कि विपक्ष का नेतृत्व कौन करेगा’ ये भी पढ़ें: IPL 2022 : महान खिलाड़ी कुमार संगकारा ने बताई सुरेश रैना के IPL में Unsold रहने की वजह

हम लोगों को 2019 से ही साथ रहना चाहिए: तेजस्वी यादव
वहीं इस ऐलान के मौके पर मौजूद रहे तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्षी दलों ने सरकार से लड़ने के तैयारी में देरी कर दी है। हम लोगों को 2019 से ही साथ रहना चाहिए। शरद यादव का फैसला हम सब का हिम्मत बढ़ाने वाला है। तेजस्वी ने कहा कि समाजवादी लोग एक साथ आ जाएं तो साम्प्रदायिक शक्तियों को देश से बाहर कर सकते हैं। देश में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि अल्पसंख्यकों से मताधिकार छीन लिया जाए लेकिन किसी माई के लाल में दम नहीं कि ऐसा कर सके।

साल 2018 में JDU से अलग हो गए थे शरद यादव
आपको बता दें कि 2018 में JDU से अलग होकर शरद यादव ने अपने नई राजनीतिक पारी खेलनी शुरु की थी और लोकतांत्रिक जनता दल (LJD) पार्टी बनाई थी। ये भी पढ़ें: बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला- ‘जब तक माता-पिता जिंदा, बेटे का उनकी प्रॉपर्टी पर कोई अधिकार नहीं’

RJD कोटे से राज्यसभा जा सकते हैं शरद यादव
वहीं अब जल्द ही इस बात की घोषणा हो सकती है,कि RJD अपने कोटे से शरद यादव को राज्यसभा भेजेगी। बिहार में जुलाई महीने में राज्यसभा की पांच सीटें खाली होनी है। माना जा रहा है कि इसमें 2 सीट RJD के खाते में भी जाएगी। वहीं शरद यादव के राज्यसभा का कार्यकाल जुलाई 2022 में ही समाप्त हो रहा था।

गौरतलब है कि पिछले साल RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव से शरद यादव की हुई मुलाकात के बाद से ही इस बात के कयास लगने शुरु हो गए थे कि शरद यादव अपने पार्टी का विलय RJD में करने वाले हैं। ये भी पढ़ें: आपकी लापरवाही पड़ सकती है भारी, Facebook अकाउंट हो सकता है Lock,जल्द ही इस सेटिंग को करें ON

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