6 फरवरी की सुबह जब भारत रत्न और स्वर कोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) के निधन की खबर सामने आई तो हर किसी की आंखों से आंसू छलक पड़े। सिनेमा जगत से लेकर राजनीतिक जगत तक सन्नाटा पसर गया।

देशवासी एक महीने से लता मंगेशकर के ठीक होने की दुआ मांग रहे थे, लेकिन उनकी दुआ भी रंग नहीं लाईं और बीते दिन किसी की ‘दीदी’ चली गई तो किसी की ‘आजी’। लेकिन गुलजार का तो ‘करिश्मा’ ही चला गया। मशहूर गीतकार गुलजार (Gulzar on Lata Mangeshkar) ने लता मंगेशकर के साथ कई गानों में साथ काम किया। वह खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि लता के साथ काम करने का सौभाग्य मिला।

गुलजार ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में लता मंगेशकर को दिल से याद किया गुलजार ने कहा, ‘ लता जी अपने आप में एक करिश्मा हैं और ये करिश्मा हमेशा नहीं होता। और आज ये करिश्मा मुकम्मल हो गया। वह चली गईं। वह एक जादुई गायिका थीं, जिनकी करिश्माई आवाज़ थी। उनके लिए विशेषण ढूंढना भी मुश्किल है। हम उनके बारे में कितनी भी बातें क्यों न कर लें, कम है। आप उन्हें शब्दों में नहीं बांध सकते। वह शब्दों की दुनिया से परे हैं।’उन्होंने कहा, ‘वह आवाज़ नहीं हमारी संस्कृति थीं।’

अपने गायन करियर के दौरान प्राप्त कई अन्य सम्मानों में से तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार थे। ‘ऐ मेरे वतन के लोग’, ‘बाबुल प्यारे’, ‘लग जा गले से फिर’, उनके कुछ अविस्मरणीय गीत हैं।

गौरतलब है कि लता मंगेशकर का रविवार को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। प्रतिष्ठित गायिका को 8 जनवरी को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जब उन्हें COVID-19 और निमोनिया का पता चला था।

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