केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध पर आज (9 मार्च 2022) प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए भारत के प्रयासों का ब्यौरा दिया है। उन्होंने बताया कि यह यूक्रेन से भारतीय छात्रों को बाहर निकालकर वापिस देश लाना आसान नहीं था लेकिन पीएम मोदी के अथक प्रयास के बाद इस कठिन कार्य को सफलता पूर्वक पूरा किया जा सका।

देश को पीएम मोदी पर भरोसा
पीयूष गोयल ने कहा कि 20,000 से अधिक भारत के नागरिक, जिसमें अधिकतर छात्र हैं, जो यूक्रेन में फंसे थे, उन्हें तीन हफ्ते के अंदर भारत में वापस लाना, ये हम सभी लोगों के लिए बहुत गर्व की बात है। आज पूरे देशभर में विश्वास है कि किसी भी संकट के समय में भारत सरकार और भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री जी हमें संकट से निकालेंगे। इसके अलावा भार सरकार ने यूक्रेन से भारतीयों के साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश के नागरिकों को भी निकाला।

11 बार दुनिया के बड़े-बड़े नेताओं से की बात
उन्होंने करीब 11 बार दुनिया के बड़े-बड़े नेताओं से बात की। कूटनीति का हर संभव प्रयोग किया गया, जिससे हमारे नागरिक सकुशल वापस आ सकें। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने इस विषय को खुद गंभीरता से लिया। 8 हाई लेवल मीटिंग उन्होंने की। हर मीटिंग के बाद कठोर कदम उठाए जाते थे, कि कैसे एक-एक नागरिक को भारत में वापस लाया जाए।

इसके अलावा पीयूष गोयल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि दुर्भाग्य से, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दल यूक्रेन में फंसे लोगों के परिवारों की मदद करने के बजाय गलत सूचना फैला रहे थे और लोगों को गुमराह कर रहे थे, जबकि पीएम मोदी यूक्रेन में फंसे भारतीयों के बारे में लगातार चिंतित थे।

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