Petrol Diesel Price:  आज उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के अंतिम पड़ाव के बाद आम लोगों को किसी भी समय बड़ा झटका लग सकता है। जहां एक ओर ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल (Crude Oil) 14 साल के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया है, तो वहीं दूसरी ओर 5 राज्यों का विधानसभा चुनाव आज अंतिम  पड़ाव में आ चुका है। सरकारी तेल कंपनियां डीजल-पेट्रोल के दाम (Diesel-Petrol Prices) बढ़ाने की शुरुआत अब किसी भी समय कर सकती है।

दो दिन पहले राहुल गांधी ने पेट्रोल-डीजल को लेकर मोदी सरकार पर साधा था निशाना
बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी 2 दिन पहले डीजल-पेट्रोल के दाम को लेकर सरकार पर निशाना साधा था उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था, ‘फटाफट पेट्रोल टैंक फुल करवा लीजिए। मोदी सरकार का चुनावी ऑफर खत्म होने जा रहा है’।

सरकारी तेल विपणन कंपनियां हर रोज सुबह में डीजल-पेट्रोल के दाम की करती है समीक्षा
मौजूदा पॉलिसी के तहत सरकारी तेल विपणन कंपनियां हर रोज सुबह में डीजल-पेट्रोल के दाम की समीक्षा करती है। ग्लोबल मार्केट में क्रूड का जो ट्रेंड रहता है, उसी के हिसाब से घरेलू बाजार में डीजल और पेट्रोल के खुदरा मूल्य घटाए-बढ़ाए जाते हैं। इस तरह अभी के हिसाब से डीजल-पेट्रोल के दाम 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ाए जा सकते हैं।

सरकार पर लगे चुनाव की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाने के आरोप
सरकार के ऊपर ऐसे आरोप लगते रहे हैं कि उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव के चलते डीजल-पेट्रोल के दाम करीब 4 महीने से नहीं बढ़े हैं. ऐसा पहले भी हुआ है, जब चुनाव नजदीक आने पर क्रूड के दाम बढ़ने के बाद भी डीजल-पेट्रोल के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं।

जानें कितना महंगा हो जाएगा डीजल और पेट्रोल
ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने भी एक हालिया रिपोर्ट में बताया था कि पांच राज्यों में जारी विधानसभा चुनाव संपन्न होते ही डीजल-पेट्रोल के दाम फिर से हर रोज बढ़ाए जा सकते हैं। जेपी मॉर्गन ने कहा था कि सरकारी तेल कंपनियों को डीजल-पेट्रोल पर प्रति लीटर 5-7 रुपये का घाटा हो रहा है। जब यह रिपोर्ट आई थी, तब क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के लेवल से कुछ नीचे ही था। अभी क्रूड उस स्तर से 30 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है। इस तरह देखें तो अगले कुछ ही दिनों में डीजल-पेट्रोल के दाम ठीक-ठाक बढ़ने वाले हैं।

नवंबर के बाद से नहीं बढ़ दाम
आपको याद हो कि पिछले साल नवंबर में देश के कई राज्यों में डीजल-पेट्रोल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर निकल गए थे। इसके बाद केंद्र सरकार ने एक्साइज (Excise Duty) घटाकर लोगों को मंहगाई से बड़ी राहत दी थी। उसके बाद से अभी तक डीजल-पेट्रोल के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। बाद में राज्य सरकारों ने वैट (VAT) घटाया तो इनके दाम कम ही हुए। जब नवंबर में केंद्र सरकार ने एक्साइज में कटौती की थी, तब क्रूड ऑयल 82 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास था। क्रूड ऑयल ग्लोबल मार्केट में अभी 2008 के बाद के उच्च स्तर पर पहुंच चुका है।

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