Karnataka Hijab Row Verdict: हिजाब को लेकर जारी विवाद के बीच कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने हिजाब विवाद मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि हिजाब इस्लाम धर्म का अनिवार्य हिस्सा नहीं है और स्कूल छात्रा यूनिफॉर्म पहनने से इनकार नहीं कर सकते हैं।

इसके साथ ही, हाइकोर्ट ने मुस्लिम छात्राओं की तरफ से कॉलेजों में हिजाब पहनने को लेकर इजाजत मांगने वाली याचिका को खारिज कर दिया। कर्नाटक हाईकोर्ट की तरफ से कई याचिकाओं को खारिज किया गया है, जो शैक्षिक संस्थाओं में इजाजत को लेकर दायर की गई थी।

हाईकोर्ट के फैसले के अहम बिंदू
1. कानून की नजर में हिजाब धर्म का अंग नहीं है।
2. हिजाब इस्लाम के अनिवार्य धार्मिक व्यवहार का हिस्सा नहीं है।
3. छात्र स्कूल यूनिफॉर्म पहनने पर आपत्ति नहीं कर सकते हैं।
4. हिजाब पहनना इस्लाम में ज़रूरी नहीं है।
5. हिजाब पर राज्य सरकार की रोक उचित है।

बता दें कि इससे पहले, कर्नाटक के कई जिले में धारा 144 लगाई गई थी ताकि कहीं कोई अप्रिय घटना न हो। गौरतलब है कि हिजाब विवाद के बीच एक बजरंग दल हर्ष कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई थी। इस मामले ने ऐसा तूल पकड़ा की पूरे देश में प्रदर्शन देखने को मिल रहा था।

हिजाब विवाद पर फैसले से पहले बेंगलुरु में कई जगहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया। बेंगुलुरु के पुलिस आयुक्त कमल पंत ने कहा कि 15 मार्च से 21 मार्च तक एक सप्ताह के लिए बेंगलुरु में सार्वजनिक स्थानों पर सभी प्रकार की सभा, आंदोलन, विरोध या समारोह पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

कैसे शुरु हुआ हिजाब विवाद ?
घटना फरवरी 2022 में कर्नाटक (Karnataka) के उड्डुपी (Udupi) के कुंडापुर के सरकारी First Grade College और स्कूल में हुई थी। भगवा गमछमा पहनकर लड़कों का विरोध करना कॉलेज के प्रबंधन पर इतना असर कर गया कि उन्होंने हिजाब पहन कर आने वाली लड़कियों की कॉलेज में एंट्री बंद कर दी। लड़कियों के सामने शर्त रखी गई कि वे अगर हिजाब को कॉलेज के बाहर उतार कर आती हैं तो उन्हें प्रवेश मिलेगा 9 जनवरी में उन छात्राओं ने कॉलेज कैंपस में ही प्रोटेस्ट किया। इसको स्थानीय मीडिया ने उछाल दिया। इस विवाद में फिर अलग अलग संगठन कूद गए। हिंदू संगठन मांग करने लगे कि उन्हें भी स्कूल कॉलेजों में धार्मिक प्रतीक इस्तेमाल करने की इजाजत दी जाए। यहीं से हिजाब का विरोध शरू हुआ और अब तक खत्म नहीं हुआ है। इसे लेकर लड़कियों ने 9 फरवरी को कर्नाटक हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

हिजाब विवाद पर पूरा मामला
गौरतलब है कि स्टूडेंट्स ने तर्क दिया था कि हिजाब संविधान के द्वारा दी गई धार्मिक स्वतंत्रता के तहत आता है। ऐसे में कोई कॉलेज इस संबंध में प्रतिबंध को लेकर कोई फैसला नहीं दे सकता है। कर्नाटक सरकार ने मामले में कोर्ट से कहा है कि सिर्फ संस्थागत अनुशासन से संबंधित लगाए गए प्रतिबंधों के अलावा देश में हिजाब पर कोई प्रतिबंध नहीं है। दरअसल, विवाद उस वक्त शुरू हुआ था, जब उडुपी के कुछ छात्रों ने शिक्षकों के उस अनुरोध को दरकिनार करते हुए हिजाब का इस्तेमाल बंद करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद छात्र कोर्ट पहुंच गए थे।

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