Chief Justice of India: जस्टिस उदय उमेश ललित (UU Lalit) ने देश के 49वें मुख्य न्यायधीश के रूप में शपथ ली है। आज राष्ट्रपति भवन में उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट में जज बनने वाले जस्टिस ललित 16वें न्यायधीश हैं। वहीं देश के सीजेआई के पद तक पहुंचने वाले दूसरे वकील हैं। जस्टिस उदय उमेश ललित ने जस्टिस एनवी रमना की जगह ले रहे हैं, जोकि कल 26 अगस्त को मुख्य न्यायाधीश के रूप में रिटायर हुए हैं।

मौजूद रहे पीएम और उप राष्ट्रपति
राष्ट्रपति भवन में आयोजित सादे शपथ समारोह के दौरान समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कानून मंत्री किरण रिजीजू, सुप्रीम कोर्ट के सीनियर मोस्ट जज जस्टिस एस के कोल, एजी के के वेणुगोपाल, एस जी तुषार मेहता सहित कई मंत्री, विपक्ष के नेता, सुप्रीम कोर्ट जज और विधिवेता मौजूद रहे।

ये तीन काम रहेंगे जस्टिस यूयू ललित की प्राथमिकता पर
वहीं कल शुक्रवार को हुए जस्टिस एनवी रमना के विदाई समारोह में बोलते हुए जस्टिस यूयू ललित ने कहा कि वह मुख्य न्यायाधीश के अपने 74 दिनों के कार्यकाल के दौरान तीन क्षेत्रों पर काम करने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने कहा कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे कि सुप्रीम कोर्ट में कम से कम एक संविधान पीठ साल भर काम करें। साथ ही शीर्ष अदालत में सुनवाई के लिए मामलों को सूचीबद्ध करना और जरूरी मामलों को मेंशन करना उनकी प्राथमिकता में से एक रहेगा।

कार्यकाल 8 नवंबर 2022 तक रहेगा
जस्टिस ललित से पहले 1971 में जस्टिस एस एम सिकरी देश के पहले मुख्य न्यायाधीश बने थे जो सीधे बार से आए थे। जस्टिस ललित का कार्यकाल 8 नवंबर 2022 तक रहेगा। इस तरह मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस यूयू ललित का कार्यकाल मात्र 74 दिनों का ही रहेगा।

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