A Nation to Protect Released: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया (Mansukh Mandaviya) ने शुक्रवार (18-02-2002) को प्रियम गांधी मोदी की पुस्तक ‘ए नेशन टू प्रोटेक्ट’ (A Nation to protect) का विमोचन किया। पुस्तक के विमोचन के लिए नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय में एक समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी के पॉल और प्रोफेसर शमिका रवि (अर्थशास्त्री) मौजूद रहें। इस पुस्तक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीते दो सालों से कोरोना महामारी के खिलाफ देश में संघर्ष का ज़िक्र किया गया है। ‘ए नेशन टू प्रोटेक्ट’ (A Nation to protect) पुस्तक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख की अहम भूमिका की भी चर्चा की गई है।

इस मौके पर मनसुख मंडाविया ने कहा कि देश ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व के साथ सबकी कोशिश से कोरोना महामारी के तीन-तीन दौर के साथ संघर्ष को जीता है। केन्द्र सरकार ने टीकाकरण (Vaccination) की शुरुआत कर पूरे विश्व में एक उदाहरण पेश किया है। इसी वजह से आज देश में कोरोना की तीसरी लहर में लोगों को अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी है। इस किताब में देशवासियों का कोरोना के खिलाफ जंग की सभी कहानी मौजूद हैं। कोरोना की जंग को बिना जनसहयोग से जीता जा नहीं सकता था। उन्होंने कहा कि कोरोना के मामले भले ही कम हो गए हों लेकिन लोगों को अभी भी सावधानी बरतनी चाहिए।

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‘ए नेशन टू प्रोटेक्ट’ (A Nation to protect) पुस्तक की लेखिका प्रियम गांधी ने बताया कि इस पुस्तक में उन नेताओं और लोगों का भी जिक्र है जो भारत के नेतृत्व पर सवाल उठाने से कभी पीछे नहीं रहे। साथ ही अपनी जनता की सुरक्षा के लिए सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए। प्रियम ने प्रधानमंत्री के साथ हुई अपनी मुलाकात और इतने उतार चढ़ाव पर सवाल किया तो मोदी जी ने जवाब दिया कि उन्हें जनता से प्रेरणा मिलती है।

प्रियम ने बताया कि प्रधानमंत्री ने जनता कर्फ्यू का जिक्र किया और कहा कि उनके कहने पर लोगों ने खुद को घर के भीतर बंद कर लिया, थालियां बजाईं। इसलिए ही किताब का शीर्षक ‘ए नेशन टू प्रोटेक्ट’ (A Nation to protect) रखा गया है।

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