नई दिल्ली: हरियाणा सरकार ने अवैध धर्मांतरण कराने वालों पर कानून का शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। सरकार, राज्य में गैरकानूनी धर्मांतरण रोकथाम के लिए कानून बनाने जा रही है। बताया जा रहा है कि हरियाणा सरकार गैर-कानूनी धर्मांतरण रोकधाम विधयेक-2022 विधानसभा के इसी बजट सत्र में लाएगी।

बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाख खट्टर की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दे दी गई। अब इस विधेयक को विधानसभा में रखा जाएगा। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हाल में यमुनानगर, मेवात, गुरुग्राम और पानीपत जिलों में जबरन धर्मांतरण के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि कानून होगा तो ऐसे धर्म परिवर्तनों को रोका जा सकता है।

वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहार लाल खट्टर ने अपने ऑफिशियल ट्वीटर हैंडल से इस बैठक की वीडियो क्लिप शेयर करते हुए लिखा, प्रदेश में गैर कानूनी तरीके से या जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए आज ‘गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध बिल-2022’ को मंजूरी दे दी गई है।

बता दें कि विधेयक में गलत बयानी, गलत प्रभाव, जबरदस्ती, प्रलोभन या किसी तरह के कपट से शादी के लिए प्रभावित करना अब अपराध होगा। ये विधेयक नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान करता है। इसके तहत संविधान के अनुच्छेद 255, 26, 27 और 28 (Articles 255, 26, 27 and 28 of the Constitution) के तहत धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी दी जाएगी। जिसका मकसद भारत में धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को बनाए रखना है।

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