उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के सुमेरपुर से एक दिल दहला देने वाली खबर आई हैं। जहां एक साथ मामा और भांजे दोनों की हत्या होने की खबर मिली हैं। मिली जानकारी के मुताबिक पांच दिन पूर्व पत्योरा गांव से लापता हुए कानपुर निवासी मामा और भांजे की हत्या कर दी गई। दोनों 12 मार्च से लापता थे और बुधवार शाम उनकी बाइक और शव झंझरिया जलाला गांव के पास बीच जंगल में कुएं में पड़े मिले। हत्या के पीछे रुपयों के लेनदेन की बात सामने आ रहीं हैं।

परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का लगाया आरोप
परिजनों ने पुलिस पर बड़ी लापरवाही बरतने का आरोप लगाया हैं। मयंक की बहन प्रिया के मुताबिक 12 मार्च की सुबह दोनों घर से आरोपी संतराम के यहां गये थे। और सुबह साढ़े नौ बजे मयंक ने फोन करके बताया था कि वह संतराम के यहां पहुंच गया है। लेकिन कुछ देर बाद मयंक और विपुल दोनों के मोबाइल बंद हो गए थे। देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की थी।

प्रिया का कहना है कि उनकी मां अनीता और बहन स्वीटी बर्रा थाने पहुंचीं और पुरे मामले की जानकारी दीं। लेकिन पुलिसकर्मियों का कहना था कि मामला हमीरपुर का है। तो कार्रवाई भी वहां की पुलिस ही करेगी। बर्रा पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की। बेबस परिजन जब सुमेरपुर पुलिस के पास पहुंचे तो वहां से उल्टा जवाब मिला कि बर्रा थाने की पुलिस कार्रवाई करेगी और पुलिसकर्मियों ने उन्हें गालियां देकर भगा दिया। इसके बाद परिजन तीन दिनों तक थाने चौकी के चक्कर लगाते रहे। लेकिन किसी ने भी उनकी सुनवाई नहीं की।

यहां तक कि कमिश्नरी पुलिस से लेकर हमीरपुर पुलिस तक किसी ने भी पीड़ित परिजनों की सुनवाई नहीं की। और मृतक की बहन और मां को थाने तक से भगा दिया गया और आखिर में जब हत्या की खबर मिली तो हर कोई सक्रिय हो गया। ऐसे में परिजनों में भारी रोष हैं और वो सवाल कर रहे हैं कि क्या पुलिस दोनों की हत्या होने का इंतजार कर रही थीं। ऐसे में इस दोहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस की लापरवाही साफ दिख रही हैं।

पुलिस जांच में सामने आया पहले भी की थीं प्लानिंग
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने घटना को अंजाम देने से पहले 9 मार्च को भी मयंक को बुलाया था। मगर उस दिन वो अपने इरादों में कामयाब नहीं हो सके थे। इसलिए तीन दिन बाद 12 मार्च को दोबारा बहाने से बुलाया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने दोनों को घर में ही मार दिया था। उसके बाद दोनों के शव अलग-अलग बोरे में भरे और एक कुएं में शवों को बाइक के साथ फेंक दिया। हत्यारोपियों का आपराधिक इतिहास है।

विजय सिंह मीणा, पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इस मामले में पुलिसकर्मियों की लापरवाही की बात सामने आ रही है। जिसकी भी लापरवाही होगी, उस पर कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी साउथ से रिपोर्ट मांगी गई है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *