भारतीय लेखिका गीतांजलि श्री (Geetanjali Shree)के उपन्यास ‘टॉम्ब ऑफ सैंड’ (Tomb of Sand) को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय बुकर (International Booker Prize) पुरस्कार मिला है। मूल रूप से यह उपन्यास हिंदी में ‘रेत समाधि’ नाम के शीर्षक से लिखा गया है, इसे हिंदी से अंग्रेजी में डेजी रॉकवेल ने ट्रांसलेट किया है। यह विश्व की उन 13 पुस्तकों में शामिल थी, जिसे अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार के लिए लिस्ट में शामिल किया गया था। यह हिंदी भाषा में पहला ‘फिक्शन’ है जो इस प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार की दौड़ में शामिल था।

बुकर पुरस्कार जीतने वाली किसी भी भारतीय भाषा की पहली किताब बनी
‘टॉम्ब ऑफ सैंड’ प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली किसी भी भारतीय भाषा की पहली किताब बन गई है। बृहस्पतिवार (26 May 2022) को लंदन में एक समारोह में लेखिका ने कहा कि वह “बोल्ट फ्रॉम द ब्लू” से “पूरी तरह से अभिभूत” थीं। उन्होंने 50,000 GBP का अपना पुरस्कार लिया और पुस्तक के अंग्रेजी अनुवादक, डेजी रॉकवेल के साथ इसे साझा किया।

‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं ऐसा कर सकती हूं’: गीतांजली
श्री ने कहा, मैंने कभी बुकर का सपना नहीं देखा था, मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं ऐसा कर सकती हूं। कितनी बड़ी बात है, मैं खुश और सम्मानित महसूस कर रही हूं। उन्होंने कहा, इस पुरस्कार के मिलने से एक अलग तरह की संतुष्टि है। उन्होंने कहा, ‘रेत समाधि/’टॉम्ब ऑफ सैंड’ उस दुनिया के लिए एक शोकगीत है जिसमें हम निवास करते हैं। बुकर निश्चित रूप से इसे कई और लोगों तक पहुंचाएगा।

‘रेत समाधि’ गीतांजलि श्री की पांचवां उपन्यास
बता दें कि ‘रेत समाधि’ गीतांजलि श्री की पांचवां उपन्यास है। उन्होंने सबसे पहले उपन्यास ‘माई’ लिखकर लेखन की दुनिया में कदम रखा था। इसके अलावा उनका दूसरा उपन्यास ‘हमारा शहर उस बरस’ लिखा था जो सांप्रदायिकता और 90 के दशक की परिस्थितियों पर केंद्रित था। फिर ‘तिरोहित’ जिसमें समलैंगिकता पर चर्चा की गई थी और फिर ‘खाली जगह’ नाम के शीर्षक से उनका चौथा उपन्यास आया और फिर उन्होंने ‘रेत समाधि’ उपन्यास लिखा, जिसे कुछ समय पहले लॉन्च किया गया था। बता दें, इस उपन्यास को हिंदी में राजकमल प्रकाशन की ओर से प्रकाशित किया जाता है।

कौन हैं गीतांजलि श्री?
गीतांजलि श्री का जन्म उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में हुआ हैं। श्री तीन उपन्यास और कई कथा संग्रह की लेखिका हैं। उनकी कृतियों का अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, सर्बियन और कोरियन भाषाओं में अनुवाद हुआ है। दिल्ली में रहने वाली 64 वर्षीय लेखिका श्री की अनुवादक डेजी रॉकवेल एक पेंटर एवं लेखिका हैं जो अमेरिका में रहती हैं। उन्होंने हिंदी और उर्दू की कई साहित्यिक कृतियों का अनुवाद किया है।

क्या है बुकर पुरस्कार?
यह पुस्कार अंग्रेजी में ट्रांसलेट और ब्रिटेन या आयरलैंड में प्रकाशित किसी एक पुस्तक को हर साल दिया जाता है। 2022 के पुरस्कार के लिए चयनित पुस्तक की घोषणा सात अप्रैल को लंदन बुक फेयर में की गई थी जबकि विजेता का ऐलान अब किया गया है।

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