कहते हैं कि शादी का लड्डू ऐसा है, जो खाए वो पछताए, जो न खाए वो भी पछताए। भारतीय संस्कृति और हमारे समाज में शादी का अर्थ किसी एक के साथ सात जन्मों तक का सफर तय करना है। प्यार और भरोसे की डोर से बंधा ये रिश्ता जितना मजबूत होता है, उतना ही कमज़ोर। इसलिए हमें शादी के रिश्ते को बहुत ही प्यार और विश्वास के साथ निभाना होता है।

शादी के बाद हर किसी की ख्वाहिश होती है उसकी शादीशुदा जिंदगी भी खुशियों से भरी हो। वह अपने बच्चों और पत्नी के साथ ज़िंदगी के हर पहलुओं को अच्छे तरीके से जीएं, लेकिन कई बार हम अपने पार्टनर की कुछ आदतों को नज़रअदाज़ करने लगते है, जो आगे चलकर अलग होने का कारण बन सकती हैं।

पार्टनर पर भरोसा न करना
हर रिश्ते की नींव भरोसे पर टिकी होती है। पति-पत्नि का रिश्ता ऐसा होता है कि उसमें जितना विश्वास हो वह उतना मजबूत होता है। लेकिन जब आप अपने पार्टनर पर भरोसा नहीं करते हैं, तो धीरे-धीरे रिश्ते में दरार आना शुरू हो जाती है। इसलिए ऐसा कोई काम ना करें जिससे आपके पार्टनर का विश्वास टूट जाए। रिश्ते में विश्वास खोने से आप प्यार ही नहीं खोते, बल्कि रिश्ता भी खो सकते हैं।

अपने पार्टनर पर ज़रूरत से ज़्यादा पाबंदी लगाना
शादी के बाद भी हम चाहते हैं कि हम अपनी ज़िंदगी के फैसले खुद लें, लेकिन शादी के बाद ऐसा करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। अब हर फैसले में पार्टनर की हां की ज़रूरत होती है, जो पार्टनर को खटकने लगती है। शादीशुदा जिंदगी में भी ये देखने को मिलता है कि लोग ये मानकर चलते हैं उसके सारे फैसले मैं करूं, या फिर उसने मुझसे क्यों नहीं पूछा? हम ये भूल जाते हैं कि वह अपने फैसले लेने में सक्षम है और अपने पार्टनर पर कई तरह की पाबंदियां (Restrictions) थोंप देते हैं। ऐसे में रिश्ते में खटास आने लगती है और रिश्ता भीतर ही भीतर कमज़ोर होने लगता है।

समय की कमी
हम सभी चाहते हैं कि हमारा पार्टनर हर मुश्किल वक्त में हमारे साथ खड़ा हो, लेकिन क्या हम ऐसा उसकी तरफ से भी सोचते हैं? मतलब क्या पता उसे जब हमारी ज़रूरत हो, तब हम उसके पास ना रहते हों? प्यार के रिश्ते में अगर दोनों पार्टनर के पास एक दूसरे के लिए समय ही नहीं है। तो लाजमी है कि बिना किसी लड़ाई-झगड़े के भी रिश्ते में दरार पड़ सकती है। इसलिए अपने पार्टनर को समय दें, उसके साथ वक्त बिताए, उसकी ज़रूरत को समझें और उसे भरोसा दिलाएं की आप उसके साथ हैं।

प्यार का इज़हार न करना
शादी से पहले तो हम पार्टनर से हर दिन प्यार का इज़हार करते है, लेकिन शादी के बाद जिम्मेदारियों के बीच हम अपने पार्टनर से प्यार का इज़हार करना भूल जाते हैं। प्यार का इज़हार का मतलब ये नहीं होता कि आप अपने पार्टनर को कोई बड़ा सरप्राइज दें या कोई महंगा गिफ्ट दें। आप अपने पार्टनर को I Love you कहकर भी अपने पार्टनर से प्यार का इज़हार कर सकते हैं। वहीं समय-समय पर आप अपने पार्टनर को बताएं कि वो आपके लिए क्या मायने रखता है। इससे आपका रिश्ता और मजबूत हो।

अगर आप भी अपने पार्टनर की इन आदतों को नज़रअंद़ाज कर रहें है, तो इसको समय रहते सुधार लीजिए। ताकि आपकी शादीशुदा ज़िंदगी में कोई प्रॉब्लम न आएं।

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One thought on “अपने लाइफ पार्टनर की इन आदतों को न करें नज़रअंदाज़, टूट सकती है शादी!”

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