आज के समय में सभी लोग ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि सभी लोग सूंदर दिखना चाहते हैं। इसलिए इन ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर लोग अपनी इनकम का एक बड़ा हिस्सा खर्च करतें हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन प्रोडक्ट्स में शामिल कई तरह के इनग्रिडिएंट हमारे शरीर के लिए कितने नुकसानदायक हो सकते हैं। तो आइए आज हम आपको ब्यूटी प्रोडक्ट्स में मौजूद ऐसे कैमिकल एलिमेंट्स के बारे में बताते हैं जिनसे दूर रहना ही बेहतर होगा।

कैमिकल एलिमेंट्स जिनके हैं खतरनाक साइड इफेक्ट्स
हैवी मेटल – एंटीमनी, एल्यूमीनियम, आर्सेनिक, क्रोमियम, जस्ता और पारा जैसे कई हैवी मेटल्स का पर्सनल और ब्यूटी केयर प्रोडक्ट्स में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता हैं। इसमें वाइटनिंग टूथपेस्ट, लिपस्टिक, नेल पेंट और आइलाइनर जैसी कई चीजें शामिल हैं जिनके अंदर ये हैवी मेटल मिलाया जाता हैं। ये न्यूरोटॉक्सिन ना सिर्फ फर्टिलिटी पर बुरा असर डालती है बल्कि मिसकैरेज का भी कारण बन सकती है।

कार्बन ब्लैक – क्या आपको पता हैं कि कार्बन ब्लैक का नाम फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की बैन प्रोडक्ट लिस्ट में शामिल हैं और बैन होने के बावजूद यह कई कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में देखने को मिल जाता है। जैसे ब्लैक कार्बन या इसके वर्जन का आंखों के मेकअप में इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होता है। इस खतरनाक प्रोडक्ट के इस्तेमाल से ऑर्गेन टॉक्सिटी और कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

फ्टालेट्स – फ्टालेट्स हमारी स्किन के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है। फ्टालेट्स प्लास्टिक में इस्तेमाल होने वाला कैमिकल का एक ग्रुप होता है। कार्सिनोजेंस और एंडोक्रीन डिसरप्टर्स के रूप में फ्टालेट्स का इस्तेमाल नाखून, हेयर स्प्रे और कई प्रकार के स्किन केयर प्रोडक्ट्स में किया जाता है।

 टाक – टाक ना सिर्फ हमारे फेफड़ों में दबाव बढ़ाने का काम करता है, बल्कि ये एंडोमेट्रियल, फेफड़ों और ओवेरियन के कैंसर को भी बढ़ावा देता है। साल 2019 में एफडीए ने एस्बेस्ट के लिए पॉजीटिव टेस्टिंग के चलते लोगों को कुछ कॉस्मेटिक आइटम्स का उपयोग करने से बचने की सलाह दी थी। इतना ही नहीं, एस्बेस्टस फ्री टाक का पेल्विक एरिया में इस्तेमाल ना करने की सलाह भी दी जा चुकी है।

टोलूइन – टोलूइन एक पेट्रोकेमिकल है जो लिवर और बर्थ डिफेक्ट जैसी मुश्किलें बढ़ा सकता है। यह सबसे ज्यादा नाखून के प्रोडक्ट में इस्तेमाल होने वाला एक जहरीला कैमिकल है। इसका पेंट थिनर में भी इस्तेमाल किया जाता है।

ट्रिक्लोसन – ये कैमिकल कम्पाउंड माउथवॉश, साबुन, डियोड्रेंट टूथपेस्ट और शेविंग क्रीम जैसी चीजों में पाया जाता है। ट्रिक्लोसल एक सिंथेटिक एंटीबैक्टीरियल एजेंट है जो आप के बैक्टीरियल रेजिस्टेंस पैदा करने के साथ-साथ थाइरॉइड फंक्शन को डिस्टर्ब कर सकता हैं।

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