केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज जम्मू के MA स्टेडियम में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के 83वें स्थापना दिवस परेड में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने CRPF जवानों को संबोधित भी किया। यह पहली बार है जब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से बाहर जम्मू-कश्मीर में CRPF स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। जम्मू के मौलाना आजाद स्टेडियम में हो रहे समारोह स्थल में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए है। पूरे स्टेडियम को सुरक्षा के तीन चक्रों में रखा गया है। इन तीन चक्रों के अंतिम घेरे में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के विशेष कमांडो तैनात हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने CRPF के 83वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने लंबे समय से भारत में लोगों को सुरक्षा और सुरक्षा की भावना प्रदान करने का काम किया है। सीआरपीएफ जवानों ने देश में मुश्किल हालात में लोगों को दी राहत की सांस दी है।


उन्‍होंने आगे बढ़ते हुए कहा कि चुनाव लोकतंत्र का त्‍यौहार है और निष्पक्ष चुनाव एक लोकतांत्रिक देश की आत्मा है। जब भी भारत में लोकसभा या विधानसभा चुनाव होते हैं, सीआरपीएफ देश भर में शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

वहीं शुक्रवार को जम्मू पहुंचे अमित शाह ने आतंकवादी घटनाओं में शहीद हुए जम्मू-कश्मीर के बहादुर जवानों के परिजनों को नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को सुरक्षित रखने के उनके समर्पण और वीरता पर पूरे देश को गर्व है। मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर के सभी पुलिसकर्मियों व उनके परिजनों के कल्याण के लिए कटीबद्ध है।

बता दें कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, 27 जुलाई 1939 को क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस के रूप में अस्तित्व में आया था। सरदार पटेल ने 1950 में 19 मार्च के दिन ही CRPF को झंडा यानी ‘प्रेजीडेंट कलर्स’ प्रदान किया था। उसके बाद 28 दिसंबर 1949 को सीआरपीएफ अधिनियम के लागू होने पर इसे ‘केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल’ का दर्जा प्रदान किया गया।

मालूम हो कि  पिछले 5 महीनों में अमित शाह का जम्मू का ये दूसरा दौरा है। इससे पहले अमित शाह 5 दिनों के लिए जम्मू-कश्मीर के दौरे पर पहुंचे थे।

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