गुरुग्राम: देशभर में प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत भारत सरकार सभी लोगों को अपना घर उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही हैं। इस योजना में सरकार आये दिन कोई ना कोई आवासीय सोसाइटी का लाइसेंस जारी करती रहती है। इसी से जुड़ी एक खबर हरियाणा के गुरुग्राम से आ रही हैं। जहां पर एक अफोर्डेबल हाउसिंग सोसाइटी माहिरा होम्स ( Mahira Homes license Cancelled) का लाइसेंस कैंसिल कर दिया गया है।

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महानिदेशक ने इन चीज़ो के तहत की बड़ी कार्यवाही-
खबर के मुताबिक़ चंडीगढ़ नगर योजनाकार विभाग ( Town and Country Planning ) के निदेशक के.एम. पांडुरंग ( K. M. Pandurang ) ने सोमवार को गुरुग्राम के सेक्टर-68 में साइ आइना फार्मस द्वारा विकसित की जा रही अफोर्डेबल हाउसिंग सोसाइटी माहिरा होम्स का लाइसेंस कैंसिल कर दिया है। बिल्डर पर आरोप है कि जमीन के फर्जी कागजात, लाइसेंस लेने के समय कोलोबरेशन करार, बैंक गारंटी के साथ छेड़छाड, एसपीए (स्पेशल पावर आफ अटार्नी) जीपीए (जनरल पावर आफ अटार्नी) पर फर्जी हस्ताक्षर किया गया पाया गया है। आपको बता दें बिल्डर के आवेदन पत्र की जांच करने के बाद महानिदेशक ने बिल्डर का लाइसेंस रद्द कर दिया। उन्होंने डीटीपी प्रवर्तन गुरुग्राम को बिल्डर प्रबंधन, कंपनी के निदेशक व शेयर होल्डरों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के आदेश दे दिए हैं। जिस पर जल्द कार्यवाही हो सकती है।

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मार्च 2020 में ही लगा दिया था प्रोजेक्ट पर पूरी तरह प्रतिबंध-
डीटीपी प्रवर्तन के अनुसार से वर्ष 2017 में साइ आइना फार्मस लि. ( MAHIRA INFRATECH PRIVATE LIMITED ) को लगभग 9.96 एकड़ में अफोर्डेबल हाउसिंग सोसाइटी विकसित करने के लिए लाइसेंस दिया गया था। लेकिन जमीन संबंधित जो दस्तावेज वहां दिए गए थे वो सारे फर्जी पाए गए थे। जिसके इम मामले की शिकायत महानिदेशक को की गई थी। इसके बाद इस पर कार्यवाही करते हुए उनकी तरफ से मार्च 2020 में बिल्डर प्रबंधन को साइट पर काम रोकने व प्रोजेक्ट से जुड़ी जमीन या फ्लैट को ट्रांस्फर या बेचने पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया था।

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बिल्डर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के बाद भी कर रहा था साइट पर काम-
आपको बता दें डीटीपी प्लानिंग गुरुग्राम को मौके पर काम रूकवाने के आदेश दिए थे। जिसके तहत विभाग के अधिकारियों ने कई बार मौके पर काम रोकने ने के लिए टीमे भी भेजी थी। लेकिन बिल्डर कुछ समय काम बंद करने के बाद फिर शुरू कर देता था। यहां तक की बिल्डर इसके बाद भी फ्लैट्स बेच रहा था। जिसको लेकर महानिदेशक ने बड़ी कार्यवाही करते हुए बिल्डर का लाइसेंस ही कैंसिल कर दिया। साथ ही उन्होंने डीटीपी प्रवर्तन गुरुग्राम को बिल्डर प्रबंधन, कंपनी के निदेशक व शेयर होल्डरों के खिलाफ एफआइआर ( FIR ) दर्ज कराने के आदेश दे दिए हैं। आपको बता दें इस कंपनी को भविष्य के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया हैं।

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घर खरीददारों और निवेशकों की बड़ी परेशानी-
इस खबर के आने के बाद प्रोजेक्ट में निवेश करने वाले आवंटियों की चिंताए भी बढ़ गई हैं। पहले ही प्रोजेक्ट निवेशक परेशान थे क्योंकि प्रोजेक्ट को लांच हुए चार साल से अधिक का समय बीत चुका है और प्रोजेक्ट पर आधे से भी कम काम हुआ था। ऐसे में अब लाइसेंस रद्द करने के बाद उन्हें लगाई गई रकम की वापसी को लेकर बेचैनी बढ़ गई है।

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